19 अगस्त 2014 - 18:30
सीरिया में रासायनिक हथियारों पूरी तरह नष्ट।

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि सीरिया के रासायनिक शस्त्रों को तबाह करने की प्रक्रिया पूरी हो गयी है।

अबनाः अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि सीरिया के रासायनिक शस्त्रों को तबाह करने की प्रक्रिया पूरी हो गयी है।
अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार वाइट हाउस से जारी बयान में अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि सीरिया के रासायनिक शस्त्रागारों को नष्ट करने के संबंध में हमारे प्रयास सफल रहे।  उन्होंने अपने बयान में अमरीकी सैन्य विशेषज्ञों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा से एक सप्ताह पहले ही सीरिया के रासायनिक शस्त्रागारों की तबाही पर मैं आपके प्रयासों की सराहना करता हूं। उन्होंने इसी प्रकार रासायनिक निरस्त्रीकरण की संस्था की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था के प्रयासों के कारण ही सीरिया सरकार का रासायनिक निरस्त्रीकरण हुआ।
अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम सबको इस बात का प्रयास करना चाहिए कि सीरिया की सरकार, आम नागरिकों के विरुद्ध रासायनिक शस्त्रों के प्रयोग में सक्षम न हो सके। उन्होंने दावा किया कि यह कार्यवाही स्पष्ट संदेश है कि इस प्रकार के शस्त्रों के प्रयोग के भीषण दुष्परिणाम हैं और विश्व समुदाय इसे क्षमा नहीं करेगा।
ज्ञात रहे कि पूर्वी ग़ोता में रासायनिक बमों के प्रयोग के कारण सैकड़ों लोग मारे गये थे। सीरिया की सरकार का कहना है कि आतंकवादियों ने आम नागरिकों के विरुद्ध रासायनिक बमों का प्रयोग किया जबकि विरोधियों ने सरकार को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि रासायनिक बमों का प्रयोग विद्रोहियों की ओर से किया गया था।
दूसरी ओर सीरिया में जारी संकट के दृष्टिगत अमरीकी उड्डयन मंत्रालय ने अपनी व्यापारिक उड़ानों को सीरिया की हवाई सीमा से गुज़रने पर रोक लगा दी है। सूचना के अनुसार यह प्रतिबंध आठ अगस्त से लगाया गया है और अमरीका के व्यापारिक विमानों को सीरिया और इराक़ की वायु सीमा से गुज़रने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अमरीकी उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चरमपंथी संगठनों के पास विकसित एंटी एयर क्राफ़्ट मीज़ाइल हैं जिससे नागरिक विमानों को निशाना बनाया जा सकता है। बयान में कहा है कि सीरिया के विद्रोही इससे पूर्व सीरिया के एक सैन्य विमान को इसी प्रकार के मीज़ाइल से गिराने में सफल रहे थे।
ज्ञात रहे कि सीरिया में लड़ रहे विद्रोहियों को हथियार देने में अमरीका आगे आगे था।